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🫀 दिल का दौरा (Heart Attack) क्या है? कारण, लक्षण और बचाव – एक जरूरी जानकारी

आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, तनाव भरा माहौल और बिगड़ती जीवनशैली ने दिल की बीमारियों को बहुत आम बना दिया है। खासकर “दिल का दौरा” यानी Heart Attack अब सिर्फ बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कम उम्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है। इस लेख में हम जानेंगे कि दिल का दौरा क्या होता है, इसके लक्षण क्या हैं, क्यों होता है और कैसे इससे बचा जा सकता है।

दिल का दौरा क्या होता है?

जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों (धमनियों) में रुकावट आ जाती है और दिल को ऑक्सीजन युक्त खून नहीं मिल पाता, तब दिल की मांसपेशियां डैमेज हो जाती हैं। यही स्थिति दिल का दौरा कहलाती है।

अगर समय रहते इलाज न हो, तो यह जानलेवा हो सकता है।

दिल का दौरा आने के लक्षण:

1. सीने में दर्द या जकड़न – खासकर बाईं ओर
2. बांह, जबड़ा, पीठ या गर्दन में दर्द
3. तेज़ पसीना आना (ठंडा पसीना)
4. सांस फूलना
5. चक्कर आना या बेहोश होना
6. मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
7. अचानक बहुत थकान महसूस होना

महिलाओं में ये लक्षण थोड़ा अलग भी हो सकते हैं – जैसे सीने में कम दर्द लेकिन ज़्यादा थकावट और बेचैनी।

दिल का दौरा क्यों आता है? (मुख्य लक्षण)

अधिक तनाव और चिंता
धूम्रपान और शराब का सेवन
हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर
मोटापा और कम शारीरिक गतिविधि
डायबिटीज़ (मधुमेह)
अनुवांशिक कारण (परिवार में किसी को दिल की बीमारी होना)

दिल का दौरा आने से कैसे बचें?

1. स्वस्थ खानपान रखें – कम नमक, कम तेल और ज़्यादा फल-सब्ज़ियाँ खाएं।

2. नियमित व्यायाम करें – कम से कम 30 मिनट रोज़ टहलें या योग करें।

3. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं

4. तनाव से दूर रहें – मेडिटेशन, ध्यान और भरपूर नींद लें।

5. ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवाएँ

6. वजन कंट्रोल में रखें – मोटापा भी हार्ट अटैक का कारण बन सकता है ।

अगर किसी को दिल का दौरा आए तो क्या करें?

घबराएँ नहीं, 108 पर कॉल करें और एम्बुलेंस बुलाएँ।
मरीज को लेटा दें और उसे आराम करने दें।
अगर डॉक्टर ने पहले से Aspirin लेने की सलाह दी हो, तो एक गोली दी जा सकती है।
अस्पताल पहुँचने तक मरीज को अकेला न छोड़ें।

निष्कर्ष:

दिल का दौरा एक गंभीर स्थिति है, लेकिन अगर हम समय रहते इसके संकेत पहचान लें और सही जीवनशैली अपनाएँ, तो इसे रोका जा सकता है।
थोड़ा सा ध्यान, थोड़ा सा संयम, और थोड़ी सी जागरूकता आपके दिल को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रख सकती है।

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे शेयर करें – शायद आपकी एक शेयर किसी की जान बचा सकती है।

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