दिल्ली में पार्किंग विवाद का खौफनाक अंजाम — एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की सरेआम हत्या

दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में गुरुवार रात एक मामूली-सा दिखने वाला पार्किंग विवाद एक भयानक हत्या में बदल गया। बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी और अभिनेता साकिब सलीम के चचेरे भाई आसिफ कुरैशी (उम्र 42 वर्ष) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात जंगपुरा, भोगल लेन में रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुई, जब आसिफ ने अपने पड़ोसियों से घर के सामने खड़ी स्कूटी हटाने को कहा। सिर्फ मामूली बात से शुरू हुआ झगड़ा अचानक हिंसा में बदल गया।

पूरी घटना कैसे हुई?

गवाहों और CCTV फुटेज के अनुसार

आसिफ अपने घर के बाहर आए और स्कूटी हटाने के लिए कहा। सामने वाले लड़कों—उज्जवल (19) और गौतम (18) ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। CCTV वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक आरोपी ने आसिफ को ज़मीन पर धक्का दिया, फिर तेज़धार हथियार (चाकू) से कई वार किए। वार इतने गंभीर थे कि खून ज़मीन पर फैल गया और आसिफ बेहोश हो गए।

अस्पताल ले जाने पर मौत

पड़ोसियों और परिवार वालों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, चाकू के वार दिल और फेफड़ों के पास हुए, जिससे काफी खून बह गया और उनकी मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई

दोनों आरोपी उज्जवल और गौतम को दिल्ली पुलिस ने कुछ ही घंटों में पकड़ लिया। हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू पुलिस को मिल गया है। पुलिस ने साफ कहा कि यह पूरी तरह व्यक्तिगत विवाद था, किसी भी तरह का धार्मिक या साम्प्रदायिक विवाद नहीं है।

परिवार का आरोप — यह साजिश थी

आसिफ की पत्नी और परिवार का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी इन लोगों ने आसिफ के घर पर हमला करने की कोशिश की थी और कई बार धमकाया था। परिवार का आरोप है कि यह झगड़ा कई बार हो चुका था, लेकिन इस बार आरोपियों ने जान लेने का इरादा बना चुके थे।

CCTV फुटेज: दिल दहला देने वाला नज़ारा

सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर वायरल CCTV वीडियो में आसिफ को बार-बार चाकू मारते हुए देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि यह फुटेज देखकर दिल काँप जाता है—क्योंकि यह दिखाता है कि कैसे छोटी-सी बात ज़िंदगी खत्म कर सकती है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

जंगपुरा के लोगों ने घटना पर गुस्सा और दुख जताया।
“हम यहाँ सालों से रह रहे हैं, कभी सोचा भी नहीं था कि स्कूटी हटाने जैसी बात पर हत्या हो जाएगी।” कई लोगों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और रात में पुलिस पेट्रोलिंग तेज़ करने की माँग की।

निष्कर्ष

आसिफ कुरैशी की मौत सिर्फ एक पार्किंग विवाद की कहानी नहीं है, यह हमारे समाज में गुस्से और हिंसा के बढ़ते स्तर की दर्दनाक मिसाल है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि छोटी-सी बात पर संयम खोना कितनी बड़ी त्रासदी ला सकता है।

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