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🌧️ उत्तरकाशी बादल फटने की भीषण त्रासदी: धराली गांव में तबाही, कई लापता, जानिए पूरी खबर।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से 5 अगस्त 2025 को एक भयंकर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। धराली गांव में अचानक बादल फटने से भारी तबाही मची। देखते ही देखते बर्फीली नदियां उफान पर आ गईं और सबकुछ अपने साथ बहा ले गईं।

क्या हुआ था उस दिन?

5 अगस्त की दोपहर करीब 1:45 बजे, धराली गांव में अचानक मौसम ने विकराल रूप ले लिया। बादल फटने से तेज पानी और मलबा पूरे गांव में फैल गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरा गांव 20 से 30 सेकंड के अंदर तबाह हो गया।

कितना नुकसान हुआ?

लगभग 60–70 लोगों की मौत की आशंका है।

अभी तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं।

50 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

10 आर्मी और ITBP जवान भी इस हादसे के बाद से लापता हैं।

20 से अधिक होटल, होमस्टे, दुकानें और घर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन

सेना, NDRF, SDRF और ITBP ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत बचाव अभियान शुरू किया।

कई घायलों को हेलिकॉप्टर और एंबुलेंस से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

मौसम विभाग का अलर्ट

IMD ने 6 से 10 अगस्त तक उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

लोगों को नदियों, झरनों और पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

क्यों बार-बार हो रही हैं ऐसी घटनाएं?

विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तराखंड का इलाका भूगर्भिक रूप से संवेदनशील है। अत्यधिक निर्माण, टूरिज्म, जलवायु परिवर्तन और जंगल कटाई जैसी समस्याएं इन हादसों को और बढ़ा रही हैं।

🙏 अंत में…

उत्तरकाशी की यह त्रासदी हम सबके लिए एक चेतावनी है। विकास ज़रूरी है, लेकिन प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर। अब वक्त है कि हम सतर्क रहें, सतत विकास की सोच अपनाएं और आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाएं।

🕯️ “हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई।”

अगर आप राहत कार्य में मदद करना चाहते हैं, तो उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या आपदा राहत केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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