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Online Gambling Bill 2025: Fantasy Cricket, Rummy, Poker सब बंद – जानें सरकार का बड़ा फैसला”

भारत सरकार ने 19 अगस्त 2025 को “Promotion and Regulation of Online Gaming Bill 2025” को मंजूरी दे दी है। इस बिल के आते ही ऑनलाइन गेमिंग और खासकर पैसे से खेले जाने वाले गेम्स की दुनिया पूरी तरह बदलने वाली है। आइए जानते हैं इस नए कानून की बड़ी बातें—

बिल में क्या है खास?

1. ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और पैसे वाले गेम्स पर बैन
अब चाहे गेम कौशल का हो या किस्मत का, अगर उसमें असली पैसा (Real Money) लगा है तो वह पूरी तरह बैन होगा। इसमें रम्मी, पोकर, फैंटेसी स्पोर्ट्स, ऑनलाइन लॉटरी जैसे गेम्स शामिल हैं।

2. सख्त सज़ा और जुर्माना

पैसे वाले गेम्स चलाने वालों को 3 साल तक जेल और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना। ऐसे गेम्स का विज्ञापन करने वालों को 2 साल की जेल और ₹50 लाख जुर्माना। बार-बार अपराध करने पर सज़ा और जुर्माना दोगुना होगा।

3. पैसों का लेन-देन बंद

बैंक, UPI, वॉलेट या किसी भी पेमेंट गेटवे से ऐसे गेम्स में ट्रांज़ैक्शन नहीं हो पाएगा।

4. नया रेगुलेटरी बॉडी बनेगी

सरकार एक National Online Gaming Commission बनाएगी, जो गेम्स को रजिस्टर करेगी, मॉनिटर करेगी और नियम तोड़ने पर एक्शन लेगी।

5. E-Sports को बढ़ावा मिलेगा

यह बिल सिर्फ बैन नहीं करता बल्कि E-Sports और सुरक्षित ऑनलाइन गेम्स को बढ़ावा देने की भी बात करता है। यानी PUBG, BGMI जैसे ई-स्पोर्ट्स को अब सरकार खेल की तरह मान्यता देने की तैयारी कर रही है।

इंडस्ट्री की चिंता

गेमिंग इंडस्ट्री का कहना है कि इस बैन से 2 लाख से ज्यादा नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। 400+ कंपनियां बंद हो सकती हैं और सरकार को ₹20,000 करोड़ टैक्स लॉस का सामना करना पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोग अब विदेशी और अवैध साइट्स पर खेलने लगेंगे, जिससे धोखाधड़ी और बढ़ेगी।

आम यूजर्स के लिए इसका मतलब?

अगर आप फैंटेसी क्रिकेट, पोकर या रम्मी खेलते थे तो अब यह गैरकानूनी होगा। E-Sports और कैज़ुअल गेम्स (जैसे Ludo, Candy Crush, Chess आदि) पहले की तरह खेल सकते हैं। ऑनलाइन गेम्स में पैसा लगाने की आदत है तो तुरंत बंद करनी होगी वरना कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

नतीजा

सरकार का मकसद नशे, कर्ज़ और लत से युवाओं को बचाना है। लेकिन इंडस्ट्री का मानना है कि blanket ban से भारत की गेमिंग इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान होगा। अब देखना होगा कि यह बिल पास होने के बाद कोर्ट में कितनी कानूनी चुनौतियों का सामना करता है।

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