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Jyothi Yarraji : 100 मीटर हर्डल्स में तूफान! कौन है ज्योति याराजी कैसे बनीं भारत की हर्डल क्वीन, जानिए उनकी कुल नेट वर्थ और सफलता की कहानी

जब भी महिला 100 मीटर हर्डल्स के भारतीय एथलेटिक्स की चर्चा होती है, ज्योति याराजी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। अपनी तेज गति, शानदार तकनीक और दृढ़ संकल्प के साथ, ज्योति ने खुद को भारत की टॉप एथलीटों में नाम शामिल कर लिया है। उनका यह सफर आसान नहीं रहा, लेकिन उनकी मेहनत और लगन से उन्हें इस उच्च स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शुरुआती जीवन और पढ़ाई

ज्योति याराजी का जन्म 28 अगस्त 1999 को आंध्र प्रदेश में हुआ। वह एक सामान्य परिवार से आई हैं, जहाँ खेल को करियर बनाना आसान नहीं था। बचपन से ही ज्योति को दौड़ने का विशेष शौक था। स्कूल के दिनों में उनके कोच ने उनकी स्पीड और फुर्ती को पहचाना।

पढ़ाई के साथ-साथ, ज्योति ने एथलेटिक्स पर गहरा ध्यान केंद्रित किया। कई बार संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

एथलेटिक्स करियर की शुरुआत

ज्योति ने अपने करियर की शुरूआत नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं से किया। शुरुआत में, वह 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में भाग लेती थीं, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने 100 मीटर हर्डल्स को अपने मुख्य इवेंट के रूप में चुना।

इसी पल से उनकी असली पहचान बननी शुरू हुई। हर्डल्स में उनकी टाइमिंग और तकनीक अन्य खिलाड़ियों से अलग थी।

बड़ी उपलब्धियाँ

ज्योति याराजी ने बेहद कम समय में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं:

– एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की ओर से शानदार प्रदर्शन किया
– एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया
– लगातार राष्ट्रीय स्तर पर टॉप पोजीशन पर रही
– कई बार नेशनल रिकॉर्ड के करीब पहुंची
– भारत की सबसे तेज़ 100 मीटर हर्डल्स धाविकाओं में से एक

उनका यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारत अब टेक्निकल स्पर्धाओं जैसे कि हर्डल्स में भी विश्व स्तर पर टक्कर दे सकता है।

ट्रेनिंग और फिटनेस

ज्योति की उपलब्धियों का मुख्य कारण उनकी मेहनत और नियमित प्रशिक्षण है। वे हर दिन निम्नलिखित पर ध्यान केंद्रित करती हैं:

– स्पीड ड्रिल्स
– हर्डल टेक्निक का अभ्यास
– मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने की ट्रेनिंग
– योग और रिकवरी सेशन

उनका यह मानना है कि मानसिक मजबूती उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि शारीरिक स्वास्थ्य।

ज्योति याराजी की नेट वर्थ

अब हम सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल पर चर्चा करते हैं — ज्योति याराजी की कुल संपत्ति।

2025 तक के अनुमान के अनुसार:

कुल संपत्ति: लगभग ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ के बीच

आय के प्रमुख स्रोत:

– सरकारी खेल नौकरी/स्पोर्ट्स कोटा
– प्रतियोगिताओं से मिलने वाली पुरस्कार राशि
– स्पोर्ट्स अथॉरिटी और संघ से मिलने वाला स्पोर्ट्स
– ब्रांड एंडोर्समेंट और स्पॉन्सरशिप

जैसे-जैसे उनका अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन बेहतर होता जा रहा है, उनकी ब्रांड वैल्यू में भी तेजी से बढ़ हो रही है।

अवॉर्ड्स और सम्मान

* नेशनल एथलेटिक्स मीट में कई गोल्ड मेडल जीते।
* अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने पदक प्राप्त किया।
* वह खेल जगत में उभरती हुई महिला एथलीट के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।

भविष्य में, उन्हें अर्जुन पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों के लिए एक मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है।

निजी जीवन

ज्योति याराजी अपनी निजी जीवनशैली को बेहद साधारण बनाए रखती हैं। हालांकि वे सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहती हैं, उनके अधिकतर पोस्ट ट्रेनिंग, मोटिवेशनल और मैचों से जुड़ी होते हैं। उन्हें अपने परिवार का पूरा सपोर्ट मिलता है, जो उनकी सफलता का सबसे बड़ा ताकत बनता है।

भविष्य की योजनाएँ

ज्योति का सपना है:

– ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना।
– अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए मेडल जीतना।
– 100 मीटर हर्डल्स में नया नेशनल रिकॉर्ड स्थापित करना।

उनकी कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप यह कहना पूरी तरह सही है कि वे भविष्य में भारत का नाम और अधिक ऊँचा करेगी ।

निष्कर्ष

ज्योति याराजी केवल एक एथलीट नहीं हैं, बल्कि वह हजारों लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं, जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती हैं। उनका संघर्ष यह दिखाता है कि चाहे हालात कैसे भी हों, यदि हौसला मजबूत हो, तो कोई भी मंजिल हासिल किया जा सकता है।

आज, ज्योति याराजी भारत की ट्रैक क्वीन के रूप में स्थापित हो चुकी हैं और भविष्य में उनसे देश को और भी बड़ी उम्मीदें हैं 🇮🇳

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