23 जुलाई 2025, मैनचेस्टर टेस्ट में भारत को मिला एकनया सितारा – अंशुल कंबोज। हरियाणा के करनाल से आने वाले इस युवा तेज़ गेंदबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेलेगा। दरअसल, टीम इंडिया के गेंदबाज आकाश दीप के चोटिल होने के बाद अंशुल को अंतिम ग्यारह में जगह दी गई। क्योंकि अंशुल एक ऑलराउंडर खिलाड़ी है। उनका गेंदबाजी ऐवरेज ठीक है।
कौन हैं अंशुल कंबोज
अंशुल कंबोज का जन्म 6 दिसंबर 2000 को करनाल (हरियाणा) में हुआ था। उनका घरेलू टीम हरियाणा है उनका बोलिंग स्टाइल राइट आर्म फास्ट मीडियम बॉलर है। अंशुल ने आईपीएल करियर की शुरुआत मुंबई इंडियंस के लिए 2024 में खेलते हुए की थी. इस सीजन उन्होंने 3 मैच खेले थे, जिनमें 2 विकेट लिए थे. 2025 में उन्हें एमएस धोनी की कप्तानी में खेलने का मौका मिला, इस सीजन उन्होंने 8 मैच खेले और 10 विकेट लिए थे।
क्यों चर्चा में हैं अंशुल
नवंबर 2024 में रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में एक ही पारी में 10 विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय तेज़ गेंदबाज बने। इससे पहले केवल अनिल कुंबले और देबाशीष मोहंती ने ऐसा किया था। उसी मैच के बाद से वे रातों रात स्टार बन गए। अब देखना होगा कि इस मैच में इनका प्रदर्शन कैसा होगा।
कप्तान शुभमन गिल ने क्या कहा
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा था –
> “अंशुल डेब्यू के काफी करीब है, वो काफी मेहनती खिलाड़ी है। टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताया है।”
दिलचस्प संयोग:
मैनचेस्टर वही मैदान है, जहां अनिल कुंबले ने भी 1990 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। 35 साल बाद फिर एक भारतीय गेंदबाज का डेब्यू मैनचेस्टर में, और वो भी उसी रिकॉर्ड के साथ!
अंशुल कंबोज का रिकॉर्ड (2024-25 तक)—
अंशुल ने फर्स्ट क्लास मैच में 12 ओवर में 57 विकेट निकाले। उनका बेस्ट बोलिंग औसत 10/47 और पूरे मैच में 18.2 औसत था।
भारत को क्या फायदा मिलेगा?
टीम इंडिया को लंबे समय से एक ऐसा गेंदबाज चाहिए था जो तेज़ भी हो और नई गेंद के साथ स्विंग भी करा सके। अंशुल की एंट्री इस गैप को भर सकती है।
निष्कर्ष
अंशुल कंबोज की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि मेहनत, हिम्मत और खुद पर विश्वास की कहानी है। रणजी में रिकॉर्ड बनाना, इंडिया-A में अच्छा प्रदर्शन और फिर टीम इंडिया में जगह बनाना – यह सब इस बात का संकेत है कि भविष्य में वो भारत के लिए कई मैच जिताने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं।