ऑपरेशन महादेव: श्रीनगर में मुठभेड़, 1 मिनट में 600 गोलियां चलाने वाली अमेरिकी राइफल के साथ तीन आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हाल ही में एक बड़ा सुरक्षा अभियान – “ऑपरेशन महादेव” चलाया गया, जिसमें सुरक्षाबलों ने तीन खतरनाक आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। इस ऑपरेशन की खास बात यह रही कि आतंकियों के पास से एक अमेरिकी M4 कार्बाइन राइफल भी बरामद हुई, जो एक मिनट में 600 से ज्यादा गोलियां चला सकती है।
इससे पता चलता है कि वे लोग फिर कुछ बड़ा करने वाले थे।
कहा जा रहा है कि वे अमरनाथ यात्रा के दौरान कुछ करने वाले थे।

क्या है ऑपरेशन महादेव?

“ऑपरेशन महादेव” दरअसल पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए शुरू किया गया था। इस हमले में अप्रैल 2025 में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली कि हमला करने वाले आतंकियों का गिरोह श्रीनगर के पास दाचिगाम (Dachigam) इलाके में छुपा हुआ है।

कैसे हुआ ऑपरेशन?

14 दिनों की निगरानी के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया।
एनकाउंटर सुबह शुरू हुआ और कुछ ही घंटों में तीन आतंकी मार गिराए गए। मारे गए आतंकियों में पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड हाशिम मूसा उर्फ़ सुलेमान भी शामिल था, जिस पर ₹20 लाख का इनाम था।

M4 कार्बाइन राइफल: क्या है इसकी खासियत?

देश — अमेरिका (USA)
फायरिंग क्षमता — 600 से 950 गोलियां प्रति मिनट
प्रभावी दूरी — 500 मीटर तक
वज़न — लगभग 3 किलोग्राम
गोली का प्रकार — 5.56×45mm NATO
उपयोग — अमेरिका की स्पेशल फोर्सेज और कमांडो
इस राइफल की मौजूदगी यह दर्शाती है कि आतंकी अब विदेशी और अत्याधुनिक हथियारों से लैस हो रहे हैं।

आतंकी संगठन और तस्करी

पकड़े गए हथियारों से संकेत मिलता है कि आतंकियों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियारों की आपूर्ति हो रही है। यह भी संभावना है कि ये हथियार तालिबान के कब्जे से होकर आतंकियों तक पहुंचे हों।

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा का बयान

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऑपरेशन महादेव को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता बताया और कहा:

> “शांति विरोधी तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। यह नया भारत है, जो आतंक को जड़ से खत्म करेगा।”

बरामद हथियार और सामग्री

1 अमेरिकी M4 कार्बाइन ,2 AK-47 रायफल ,17 हैंड ग्रेनेड
और भारी मात्रा में कारतूस और नक्शे

निष्कर्ष

ऑपरेशन महादेव सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं थी, बल्कि यह एक सख्त संदेश था – कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ समझौता नहीं करेगा। हथियारों की बरामदगी और ऑपरेशन की रणनीति ने यह साबित कर दिया कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।

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